13 मई 2017

' जहाँ प्रेम नहीं है वहां भी प्रेम देने से तुमको प्रेम की मिलता है '

बुद्धम शरणम् गच्छामि।।
संघम शरणम् गच्छामि।। 
धम्मं शरणम् गच्छामि।।






मनुष्य के जीवन में आजीविका परिवार और सामान्य दैनिक क्रिया के अलावा एक आत्मिक प्यास मौजूद रहती है। एक क्रिस्चियन साधिका डोरोथी डे ने अपने जीवन के संस्मरण की किताब   'दी लॉन्ग लोनलीनेस ' लिखी है। 
उसने लिखा है की जीवन के एकांत का उपाय धर्म रूपी सामाजिक जीवन है। संघम शरणम् का अर्थ यही है। 


एक प्रख्यात जर्मन प्रोटेस्टेंट संत और विचारक ने कहा है की धार्मिक जीवन के लिए सबसे बड़ी जरुरत होती है त्याग और तपस्या की। 



 बुद्ध के साथ के लोगों ने जीवन और धर्म के बहुत से प्रयोग किये है और उसके आधार पर उन्होने बहुमूल्य सूत्र दिए है। बुद्धम शरणम् के अर्थ है जीवंत सद्गुरु की शरण। संघम शरणम् का मतलब है धार्मिक संघ के साथ जीवन जीना। अकेले व्यक्ति को धर्म का आचरण कठिन होता है इसलिए सामुदायिक जीवन में लोगों के साथ रहने से आचरण की शुद्धता आती है। 


धम्म शरणम् का अर्थ है की जीवन ,गुरु निर्देश ,संघ जीवन में भी सिद्धांतों और मानकों को जीवन में धारण करने के लिए धर्म के सिद्धांत के प्रति शरणागत होना पड़ता है। 

सेंट जॉन ने कहा है  ' जहाँ प्रेम नहीं है वहां भी प्रेम देने से तुमको  प्रेम की मिलता है '



9 मई 2017

मधुमेह रोगी मांसपेशियों के दर्द से कैसे बचें

मधुमेह के रोगियों को मांसपेशियों का दर्द होना आम समस्या है। मधुमेह का सबसे मुख्य कारण होता है मोटापा, जिसके कारण कमर का दर्द और पैरों के दर्द की समस्या होती है। मधुमेह रोगियों में मांसपेशियों में सामान्य लोगों की तुलना में ज्यादा दर्द होता है। मधुमेह रोगी में कंधे का दर्द भी होता है। जब मांसपेशियों में दर्द होता है तब हड्डियों में झुनझुनाहट होती है। मधुमेह रोगियों के खून में शुगर की मात्रा बढ जाती है। मधुमेह रोगियों में मांसपेशियों का दर्द हड्डियों से शु्द्ध खून की सप्लाई अच्छे से हो पाने के कारण होता है। मधुमेह मरीजों में खून की कमी हो जाती है जिसके कारण मसल्स में दर्द होता है। मधुमेह में मांस पेशियों का दर्द क्यों होता है:-

मधुमेह में मासंपेशियों के दर्द के कारण


टाइप-2 मधुमेह रोगियों को इंसुलिन देने पर भी मांसपेशियों में दर्द होता है।
डायबिटीज मरीजों में खून की नलियों की दीवारों में लगातार वसा जमा होती रहती है जिसके कारण धीरे-धीरे खून की नलियां संकरी होने लगती हैं।
खून की नलियां जाम होने के कारण खून की सप्लाई अच्छे से नहीं हो पाती है। खून में शुगर की मात्रा ज्यादा होने से शरीर की मांसपेशियों को शुद्ध खून नहीं मिल पाता है।
डायबिटीज में ज्यादातर खून की नली कमर के पास संकरी होती है। इसके कारण कमर दर्द की समस्या ज्यादा होती है।
जब पेट के पास खून की नली में फैट अधिक मात्रा में जमा हो जाता है और पैरों में ऑक्सीजनयुक्त शुद्ध खून नहीं पहुंच पाता है।
जांघों और टांगों की मांसपेशियों में झुनझुनाहट के साथ दर्द होता है। कभी-कभी दर्द इतना तेज होता है कि पैरों का एहसास भी नहीं होता है।

मांसपेशियों में दर्द के अन्य कारण

मधुमेह रोगी जब कोई शारीरिक परिश्रम करते हैं, तब उनको तनाव और थकान होती है जिसके कारण मांसपेशियों का दर्द होता है।
मधुमेह के साथ अगर अन्य बीमारियां जैसेइंफ्लुएंजा, मलेरिया, पोलियो या संक्रमण होता है, तब मांसपेशियों का दर्द होता है।
हड्डियों में चोट के कारण भी मांसपेशियों में दर्द हो सकता है। कभी-कभी खेल के दौरान हड्डियों में चोट लग जाती है। इलाज कराने के कारण बाद में हड्डियों में दर्द होता है।
ऊतकों को जोडने से रोकने वाले रोग जैसेल्यूपस, डर्मेटोमायोसायटिस, फायब्रोमाइल्जिया, पॉलीमायल्जिया रयूमेटिका के कारण भी मांस पेशियों का दर्द होता है।
इन बीमारियों के कारण मांसपेशियों और आसपास के कोमल ऊतको में खिंचाव हो सकता है जिसके कारण हमेशा सिरदर्द और थकान रहता है।

मधुमेह रोगी मांसपेशियों के दर्द से कैसे बचें



मधुमेह रोगी को जब भी मांसपेशियों में दर्द हो तब उस जगह को गनुगुने पानी से सेंक दीजिए।
इस दर्द से निजात पाने के लिए एक्यूपंचर चिकित्सा का भी सहारा लिया जा सकता है।
मांसपेशियों के दर्द से निजात पाने के लिए घरेलू नुस्खों को भी अपनाया जा सकता है।
मधुमेह रोगियों को धूम्रपान बिलकुल नहीं करना चाहिए।
मधुमेह में मांसपेशियों का दर्द अगर ज्यादा हो तो चिकित्सक की सलाह अवश्य लीजिए।


मधुमेह में मांसपेशियों के दर्द से बचने के लिए रोगी को अपनी जीवनशैली और खान में बदलाव लाना चाहिए। नियमि दिनचर्या मधुमेह रोगी की जटिलताओं को कम करने में बहुत मदद करता है।

मांसपेशियों में ऐंठन अक्सर स्वास्थ्य और पोषण की कमी का एक संकेत होती है, यह आमतौर पर इलेक्ट्रोलाइट्स कैल्शियम, पोटेशियम और मैग्नीशियमकी आदि की कमी के कारण होती है।